Monday, June 9, 2008

तू त्वरित चल

आगे बडो, आगे बडो
चलते रहो, चलते रहो
अदद प्रेरणा-वश पथ के कांटे
चूम कर चलो , चूम कर चलो

दृढ विश्वास रत मंजिल के पथ
दोड कर चलो , दोड कर चलो
लक्ष्य साध मंजिल का आज
भेदते चलो भेदते चलो ।

कर्मशील युग-पुरूष बन
मन उत्साह , तरंग बन
समर्पित लक्ष्य , स्वप्रेरणा बन
आगे बडो , चलते रहो।

दिखा आज उस संसार को
हौसले उस आस्मा के।
न थक, न बैठ, न निराश हो
अब वेग नही , अब त्वरित कर।


तोडी है सीमाये तुने आदि अनंत काल से
लांघा है तुने कभी पूर्ण इस बह्मंद को
मलिन दूमिल स्मर्ति , बधित पंख तू निकल ले
जान अपने आप को , युग-पुरूष अपने को पहचान ले

आज मंजिल पास है
और वक्त की पुकार है
तू त्वरित चल , तू त्वरित चल , तू त्वरित चल

--- नरेन्द्र सिसोदिया "साहिल"
---- 2002
---- (c) 2008 , Narendra Sisodiya, All Rights Reserved


Anonymous said...

How to Make Money from Sports Betting and Casino
Betway Casino septcasino is the งานออนไลน์ best casino for players who want to make a living from casino gambling and casino games, but there is one thing you need to 메리트카지노총판 do to said...

I am glad to discover this page. I have to thank you for the time I spent on this especially great reading !! I really liked each part and also bookmarked you for new information on your site. Feel free to visit my website;
바카라사이트 said...

You make so many great points here that I read your article a couple of times. Your views are in accordance with my own for the most part. This is great content for your readers. Feel free to visit my website;